नागरिक प्रगतिशील साहित्य

Sunday, January 22, 2017

कॉमरेड, वो दिन याद आते हैं!

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क्या है बेहतर, अपनों से घिरा होने से?  कॉमरेड, वो दिन याद आते हैं,  जब साथ बिताए थे लम्हे,  जब साथ देखे थे हमने सपने,  जब हमने संघर्ष के बीज...
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